पहल संवाद
रांची/डेस्क: विधानसभा चुनाव 2026 के लिए तीन राज्यों में जमकर मतदान हुआ. असम के 126 चुनाव क्षेत्रों में रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया. असम में 85.64 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. असम में हुई बम्बर वोटिंग से राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गयी है कि कहीं, यह सत्ता में बदलाव का संकेत तो नहीं हा. बता दें कि 2021 के विधानसभा चुनाव में 82.42 प्रतिशत मतदान हुआ था. चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, बरपेटा, बंगाईगांव, दरंग, धुबड़ी, ग्वालपाड़ा, दक्षिण सालमारा मानकाचर जिलों में 90 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया. सबसे अधिक दक्षिण मतदान सालमारा मानकाचर जिले में 95.56 प्रतिशत है.
पुडुचेरी में मतदान ने असम को भी पीछे छोड़ दिया. पुडुचेरी में 89.83 प्रतिशत दर्ज किया गया। तीन राज्यों में मतदान के आंकड़ों में केरल पिछड़ गया. हालांकि केरल में भी 78.03 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ। इसके साथ ही तीन राज्यों की चार विधानसभा सीटों पर उपचुनाव से जुड़ा मतदान भी संपन्न हुआ।
मतदान स्पन्न होने के बाद आयोग ने बताया कि असम, केरल और पुडुचेरी चुनाव में पहली बार सभी मतदान केंद्रों पर 100 प्रतिशत लाइव वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई। कुल 296 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान हुआ। इन सभी क्षेत्रों में 5.31 करोड़ से अधिक मतदाता पंजीकृत थे। मतदान के लिए 63,084 मतदान केंद्र बनाए गए और 2.5 लाख से अधिक मतदान कर्मियों की तैनाती की गई।
एक महीने तक चले जोरदार प्रचार के बाद केरलम, असम और पुडुचेरी में गुरुवार को एक ही चरण के मतदान समाप्त हो गये. केरलम की 140, असम की 126 और पुडुचेरी की 30 सीटों के मतदाताओं की किस्मत मतदाताओं ने ईवीम में बंद कर दी. हालांकि परिणाम के लिए सभी प्रत्याशियों को लम्बा इन्तजार करना पड़ेगा. क्योंकि 23 अप्रैल को तमिलनाडु और 23 और 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल के चुनाव सम्पन्न होने के बाद सभी पांच राज्यों की मतगणना 4 मई को होगी. आज जिन तीन राज्यों में मतदान हुआ उनमें कुल 1,849 उम्मीदवार मैदान में हैं. इनमें कई सीटों पर मुकाबला बेहद दिलचस्प और कांटे का है.
तीनों राज्यों का क्या है राजनीतिक गणित
आज जिन तीन राज्यों में मतदान हुए हैं, उनमें सबसे रोचक मुकाबला केरलम में देखने को मिल रहा है. राजनीतिक विश्लेषक बता रहे हैं कि यहां चुनावी मुकाबला त्रिकोणीय रूप ले चुका है, जहां एलडीएफ और यूडीएफ के बीच सीधी टक्कर है. इस बार एनडीए की दमदार इंट्री ने मुकाबले को रोचक बना दिया है. यहां चुनाव प्रचार में नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी और पी. विजयन जैसे बड़े नेताओं ने पूरी ताकत झोंक दी थी.
असम की बात करें तो सीएम हिमंता बिस्वा के नेतृत्व में भाजपा एक बार फिर वापसी करने के दहलीज पर खड़ी है. हिमंता बिस्वा के साथ पीएम मोदी ने जोरदार चुनाव प्रचार कर भाजपा के पक्ष में माहौल बनाया है, लेकिन इस कांग्रेस ने भी यहां पर कोई कसर नहीं छोड़ी है. यहां का मुकाबला बेहद हाई-प्रोफाइल बन गया है.
रही बात पुडुचेरी की तो यहां पर भाजपा को उम्मीद है कि उसकी सरकार एक बार यहां फिरबनेगी. सभी राज्यों की तुलना में भाजपा ने इस केन्द्र शासित राज्य में चुनाव प्रचार पर उतना जोर नहीं लगाया है.

