पहल संवाद
रांची डेस्क: अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूध्य पूरी दुनिया के लिए एक समस्या बन गया है. इसे खुलवाने के लिए अमेरिका समेत पूरी दुनिया परेशान है. इस बीच ब्रिटेन ने शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने का ऐलान किया है. इस शिखर सम्मेलन में 35 देश शामिल होंगे जिसमें भारत भी शामिल है. भारतीय विदेश सचिव इस बैठक में हिस्सा लेंगे.
बता दें कि भारत करीब 85 प्रतिशत कच्चा तेल विदेश से आयात करता है, जिसका बड़ा हिस्सा होर्मुज से गुजरता है. ऐसे में होर्मुज जलडमरूमध्य भारत के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है. क्योंकि इसके बंद होने का असर भारत पर भी पड़ रहा है.
ब्रिटेन ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल नहीं हो रहा – स्टार्मर
शिखर सम्मेलन की घोषणा के बाद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा था कि उनका देश ईरान युद्ध में शामिल नहीं होगा. ब्रिटेन सिर्फ राष्ट्रहित को ध्यान में रखकर काम करेगा. यह हमारा युद्ध नहीं है और हम इसमें घसीटे नहीं जाएंगे. मैं ब्रिटिश प्रधानमंत्री हूं और मुझे अपने देश के हितों के लिए काम करना है.”
35 देशों की बैठक में अमेरिका शामिल नहीं
ब्रिटेन ने होर्मुज खुलवाने के लिए जिन 35 देशों की बैठक बुलाई है. उनमें फ्रांस, जर्मनी, इटली, कनाडा, भारत और संयुक्त अरब अमीरात के साथ कई अन्य देश शामिल होंगे, अमेरिका ने बैठक से दूरी बना ली है. जबकि वह भी हार्मूज को खुलवाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहा है. अमेरिका के बैठक में शामिल नहीं होने की एक वजह यह भी हो सकती है कि जब ईरान युद्ध में सहयोगी देशों ने उसका साथ देने से इनकार कर दिया है. इसे लेकर डोनाल्ड ट्रंप नाराजगी भी जाहिर कर चुके हैं.

