पहल संवाद
रांची/डेस्क: पश्चिम बंगाल में प्रथम चरण और तमिलनाडु में एक चरण का मतदान सम्पन्न हो गया है. 2026 विधानसभा चुनाव में गुरुवार को मतदाताओं ने इतना वोट डाला की सारे रिकॉर्ड ही टूट गये. तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर एक ही चरण में मतदान सम्पन्न हुआ और यहां 84.69 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. मगर पश्चिम बंगाल में पहले चरण की 152 सीटों पर हुए मतदान ने आजादी के बाद के सभी रिकॉर्डों को पीछे छोड़ दिया. बंगाल में 91.78 प्रतिशत मतदान हुआ, जो कि राज्य में अब तक का सबसे बड़ा मतदान का आंकड़ा है. दोनों राज्यों में स्वतंत्रता के बाद का यह अब तक का सबसे अधिक मतदान है. इसके अलावा आज गुजरात और महाराष्ट्र की रिक्त सीटों पर उपचुनाव के लिए भी मतदान संपन्न हुआ.
पश्चिम बंगाल में जिलावार आंकड़ों के मुताबिक दक्षिण दिनाजपुर में सर्वाधिक करीब 94.77, कूचबिहार में 94.40, बीरभूम में 93.61 और जलपाईगुड़ी में 93.01 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया.
निर्वाचन आयोग की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल (प्रथम चरण) में ऐतिहासिक मतदान दर्ज किया गया है. इससे पहले तमिलनाडु में वर्ष 2011 में 78.29 प्रतिशत और पश्चिम बंगाल में 84.72 प्रतिशत मतदान हुआ था. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रिकार्ड मतदान के लिए चुनाव आयोग दोनों राज्यों के हर मतदाता को सलाम करता है.
दोनों राज्यों में मतदान सुबह 7 बजे से शुरू हुआ और शाम 6 बजे तक शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ. चुनाव आयोग की ओर से दिए गए आंकड़ों के अनुसार तमिलनाडु में पुरुष मतदान 83.57 प्रतिशत, महिला मतदान 85.76 प्रतिशत और तृतीय लिंग का मतदान 60.49 प्रतिशत रहा. पश्चिम बंगाल में पुरुष मतदान 90.92 प्रतिशत, महिला मतदान 92.69 प्रतिशत और तृतीय लिंग का मतदान 56.79 प्रतिशत दर्ज किया गया.
उपचुनाव के तहत गुजरात के उमरेठ सीट पर 59.03 प्रतिशत मतदान हुआ. महाराष्ट्र की बारामती सीट पर 57.48 प्रतिशत और राहुरी सीट पर 55.31 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया.

