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बंगाल में फहराया भगवा, किला और सीट भी नहीं बचा सकीं ममता, असम और पुडुचेरी में फिर कमल, तमिलनाडु में विजय की जय-जय, केरल हुआ कांग्रेस का

पहल संवाद

रांची/डेस्क:  आखिरकार भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल का किला फतेह कर ही लिया. बंगाल में अजेय समझी जाने वाली ममता बनर्जी किला तो दूर अपनी सीट भी नहीं बचा पाईं. बीजेपी की जीत इतनी शानदार रही कि एक बार फिर एग्जिट पोल के अनुमान को ध्वस्त करते हुए दो तिहाही सीटों के काफी करीब तक जा पहुंची. बीजेपी ने 206 सीटें जीतने का करिश्माई प्रदर्शन किया है. बीजेपी की जीत के काफी मायने है कि पार्टी के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राज्य में पहली बार कमल खिला है.

पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में बीजेपी की पश्चिम बंगाल की तूफानी जीत के साथ असम और पुडुचेरी में दोबारा सत्ता में वापसी की है. दक्षिण के दो बड़े राज्यों केरल और तमिलनाडु में सत्ता परिवर्तन हो गया है. कांग्रेस नेतृत्व वाला यूडीएफ गठबंधन 10 सालों बाद सत्ता में लौटा है. वहीं तमिलनाडु में एक्टर से नेता बने थलापथि विजय की नयी नवेली पार्टी टीवीके ने कमाल किया है और डीएमके के सत्ता में फिर से लौटने के अनुमानों को ध्वस्त करते हुए 108 सीटों की बड़ी जीत दर्ज की है. विजय भले ही बहुमत के करीब नहीं पहुंच सके हैं, लेकिन एक नयी पार्टी यह प्रदर्शन काफी जबरदस्त माना जा रहा है. इस विजय ने फिल्मों के सुपर स्टार विजय को राजनीति का भी सुपरस्टार बना दिया है.

पश्चिम बंगाल  के राजनीतिक जलाशय में 206 कमल खिले

पश्चिम बंगाल में 293 सीटों के परिमाण के नतीजे आ गये हैं जहां बीजेपी ने 206 सीटों पर धमाकेदार जीत दर्ज की है. 2021 में 215 सीटें जीतने वाली तृणमूल कांग्रेस 81 पर ही सिमट गयी. पिछले विधानसभा चुनाव में 0 प्रदर्शन करने वाली कांग्रेस 2 सीटें जीतने में सफल रही., आम जनता उन्नयन पार्टी 2, माकपा को एक और एआईएसएफ को एक सीट पर जीत मिली है. वोट प्रतिशत की बात करें तो भाजपा को 45.84 प्रतिशत और तृणमूल कांग्रेस को 40.80 प्रतिशत मत मिले हैं. पिछले चुनाव की तुलना में तृणमूल कांग्रेस के करीब 5 प्रतिशत वोट कम हुए है, लेकिन इसका असर उसकी सीटों की जीत पर काफी गहरा पड़ा है.

तृणमूल कांग्रेस को सबसे बड़ा झटका भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को मिली हार है. भाजपा के सुवेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस की नेता एवं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 15 हजार से अधिक मतों से हराया है. सुवेंदु ने नंदीग्राम की भी सीट पर विजय दर्ज की. खड़गपुर सदर सीट पर भाजपा के दिलीप घोष (पूर्व पार्टी अध्यक्ष) ने जीत दर्ज की है. आसनसोल दक्षिण से भाजपा की अग्निमित्र पॉल ने जीत हासिल की. बहरेमपुर सीट पर भाजपा उम्मीदवार ने कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी को हराया है. वे पिछली लोकसभा में कांग्रेस के सदन में नेता थे. मथाभांगा से निशिथ प्रमाणिक ने जीत दर्ज की है. पानीहाटी में आरजीकर मामले की पीड़िता की मां रत्ना देवनाथ ने भाजपा के उम्मीदवार के तौर पर जीत हासिल की. तृणमूल का गढ़ माने जाने वाले डायमंड हार्बर से तृणमूल उम्मीदवार पन्नालाल हल्दर ने जीत दर्ज की. उत्तर बंगाल की ज्यादातर सीटों राजगंज, माल, कलिम्पोंग, दार्जिलिंग में भाजपा ने जीत दर्ज की.

तमिलनाडु अब टीवीके का हुआ, औंधे मुंह गिरा डीएमके, एआईएडीएमकी की उम्मीदें भी ध्वस्त

तमिलनाडु में 234 सीटों पर थलापति विजय की नयी पार्टी टीवीके ने 108 सीटों पर धमाकेदार जीत दर्ज की है. 2021 के विधानसभा चुनाव में 158 सीटें जीतने वाला द्रमुक गठबंधन 73 सीटों पर ही जीत सका. वहीं अन्नाद्रमुक की सत्ता में लौटने की सारी उम्मीदें भी सिर्फ 53 सीटें जीतने से ध्वस्त हो गयीं. अपने पहले ही चुनाव में टीवीके को 34.92 प्रतिशत वोटों पर कब्जा करके सबको चकित कर दिया है. टीवीके की इस जीत ने दूसरी पार्टियों और गठबंधनों को जता दिया है कि अब राज्य की राजनीति में एक नये ध्रुव का उदय हो गया है. जिस पर ‘विजय’ हासिल करना आसान नहीं होगा. टीवीके के अलावा द्रमुक को 24.19 प्रतिशत और अन्नाद्रमुक को 21.22 प्रतिशत मत मिले हैं.

तमिलनाडु में भी मुख्यमंत्री को हार का सामना करना पड़ा है. एमके स्टालीन कोलाथुर टीवीके उम्मीदवार वीएस बाबू से हार गए. पार्टी प्रमुख एक्टर विजय पेराम्बुर और तिरुचिरापल्ली ईस्ट सीट से जीत पाने में कामयाब रहे. एडप्पाडी से अन्नाद्रमुक प्रमुख एडप्पाडी क पलनीस्वामी ने रिकॉर्ड मार्जिन से जीत सहासिल की. माइलापोर से टीवीके उम्मीदवार वेंकटारमनन पी. उम्मीदवार ने जीत दर्ज की. गोबिचेट्टिपालयम अन्नाद्रमुक के के.ए. सेंगोत्तैयान ने 10वीं बार जीत हासिल की (इतिहासिक). चेपौक-तिरुवल्लिकेनी से मुख्यमंत्री स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन ने जीत दर्ज की. राज्य में कई द्रमुक मंत्री और बड़े नेताओं की हार हुई.

बीजेपी ने सबसे बड़ी जीत तो असम में दर्ज की है

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणामों में पश्चिम बंगाल के शोर के बीच दूसरे राज्यों के चुनाव परिणामों की उपलब्धियां गुम हो गयीं, अन्यथा बीजेपी ने सबसे बड़ी जीत तो असम में दर्ज की है. पश्चिम बंगाल में बीजेपी की 294 सीटों में से 206 सीटों की जीत का प्रतिशत 70.07 प्रतिशत रहा है, वहीं असम में बीजेपी की जीत प्रतिशत के मायने में इससे काफी आगे निकल गया है. 126 सीटों पर 102 सीटें जीत कर बीजेपी ने 80.95 प्रतिशत सीटें जीतकर विपक्ष को पूरी तरह से ध्वस्त किया है. एनडीए की इस जीत में बीजेपी को 82 सीटें, बोडो पीपुल्स फ्रंट को 10 सीटें और असम गण परिषद को 10 सीटों पर जीत मिली है. वहीं कांग्रेस को 19 सीटें, एआईयूडीएफ को 2, रायजोर दल 2, तृणमूल कांग्रेस को 1 सीट पर जीत मिली है. यहां सबसे बड़ी पार्टी भाजपा को 37.81 प्रतिशत तथा सहयोगी पार्टियों बोडोलैंड को 3.73 प्रतिशत, एजीपी को 6.47 प्रतिशत मत मिले हैं. गठबंधन की दृष्टि से यह आंकड़ा 48 प्रतिशत से अधिक होता है.

राज्य में भाजपा नेतृत्व वाले एनडीए ने भारी बहुमत हासिल किया तथा मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा जालुकबारी सीट पर भारी अंतर से जीते. वहीं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई जोरहाट में हार गए. विपक्ष के नेता देबब्रत सैकिया नजीरा में हारे. स्वास्थ्य मंत्री अजंता नेगी गोलाघाट सीट बचाने में सफल रहीं. रनोज पेगू धेमाजी जीते, अतुल बोरा बोखाखाट में जीते और कई अन्य भाजपा तथा सहयोगी दल के प्रमुख नेता विजयी रहे.

केरल में यूडीएफ की जीत के साथ देश पूरी तरह से लेफ्ट से मुक्त हुआ

केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन ने 97 सीटें जीतकर 10 वर्षों बाद सत्ता में वापसी की है. इसमें कांग्रेस ने 63, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने 22, केरल कांग्रेस ने 7 सीटों, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी ने 3, राष्ट्रीय जनता दल ने 1 सीट और अन्य ने 1 सीट पर जीत दर्ज की है. वहीं वामदलों के नेतृत्व वाले गठबंधन को 35 सीटों पर जीत हासिल हुई है. गठबंधन में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने 26, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी 8, रिवोल्यूशनरी मार्क्सिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया, कम्युनिस्ट मार्क्सिस्ट पार्टी केरल स्टेट कमेटी ने 1-1 सीटों पर जीत दर्ज की है. अन्य पार्टियों में भारतीय जनता पार्टी को 3 और अन्य उम्मीदवार 4 पर जीते हैं.

केरल में कांग्रेस नीत यूडीएफ ने भारी बहुमत हासिल कर सत्ता में वापसी की. विपक्ष के नेता वीडी सतीशन और ओमान चांडी जैसे कांग्रेस नेता भारी अंतर से जीते हैं. मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन धर्मादम सीट पर जीते. हालांकि उनके एलडीएफ गठबंधन के नेताओं को हार का सामना करना पड़ा. इसमें स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा समेत कई एलडीएफ मंत्री शामिल हैं. वहीं पहली बार भाजपा ने एक से अधिक सीटों पर चुनाव जीता है. भाजपा के राजीव चंद्रशेखर ने नेमोम सीट जीती तथा भाजपा ने कुल तीन सीटें हासिल कीं. केरल का चुनाव लेफ्ट पार्टियों के लिए निर्णायक साबित हुआ है, क्योंकि अब भारत में कोई भी ऐसा राज्य नहीं है जहां लेफ्ट सत्ता में हो.

पुडुचेरी में फिर एक बार एनडीए

पुडुचेरी की 30 सीटों पर हुए चुनाव में एनडीए ने फिर से वापसी की है. अखिल भारतीय एन.आर. कांग्रेस के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए कुल 18 जीत सीटों पर जीत हासिल की है. अखिल भारतीय एन.आर. कांग्रेस को 12, भारतीय जनता पार्टी को 4, ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम और लाचिया जननायक काची को 1-1 सीट पर जीत मिली है. वहीं अन्य पार्टियों की बात की जाए तो द्रमुक को 5, कांग्रेस को 1 सीट मिली है. टीवीके को 2, नेयम मक्कल कड़गम को 1 सीट पर सफलता मिली है. इसके अलावा 3 स्वतंत्र उम्मीदवार जीते हैं.

उपचुनाव में भी छायी बीजेपी

विधानसभा उपचुनाव के नतीजे भी भाजपा के पक्ष में आए हैं. पार्टी ने सात में से चार पर जीत दर्ज की है. एक सीट पर उसके सहयोगी दल के उम्मीदवार ने जीत दर्ज की है. कर्नाटक की दोनों सीटों पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की है.

  • महाराष्ट्र की बारामती सीट से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सुनेत्रा पवार बड़े अंतर से जीती है.
  • राहुरी से भाजपा उम्मीदवार अक्षय कार्डिले जीते.
  • गुजरात के उमरेठ सीट से भाजपा उम्मीदवार हर्षदभाई गोविंदभाई परमार ने जीत दर्ज की.
  • नगालैंड के कोरीडांग सीट पर भाजपा उम्मीदवार दाओचिर आई. इम्चेन जीते.
  • त्रिपुरा की धर्मनगर सीट पर भाजपा उम्मीदवार जहर चक्रवर्ती ने जीत दर्ज की. कर्नाटक के बागलकोट सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार उमेश हुलप्पा ने जीत दर्ज की.
  • दावनगेरे दक्षिण सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार समर्थ शमनूर मल्लिकार्जुन को जीत मिली.
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