पहल संवाद
रांची डेस्क: बिहार, जहां पर शराब बंदी लागू है, हट पूर्वी चंपारण जिले के रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के बालगंगा गांव में, जहरीली शराब पीने से 4 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 6 लोगों के आंखों की रोशनी चली गयी है. वहीं करीब 15 लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है. परिजनों का कहना है कि शराब पीने से बीमार होने के बाद उनकी मौत हुई है. हालांकि पुलिस इन दावों को नकार रही है और उनकी मौत को संदिग्ध मानते हुए छानबीन कर रही है. इसके बावजूद पुलिस रात भर शराब तस्करों के विरुद्ध छापेमारी में जुटी रही.
पूर्वी चंपारण में हुई इस संदिग्ध मौत पर राजनीति भी गर्म हो गयी है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि मोतिहारी में जहरीली शराब के कारण 4 लोगों की मौत, 6 लोगों की आंखों की रोशनी चले जाना और कई लोगों की हालत गंभीर होना अत्यंत दुखद है। यह घटना एक बार फिर एनडीए सरकार के शराबबंदी कानून की विफलता और उसकी गंभीर खामियों को उजागर करती है।
तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि यह पहली बार नहीं है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार शराबबंदी लागू होने के बाद से अब तक बिहार में जहरीली शराब से 1300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। यह तो केवल सरकारी आंकड़ा है, हकीकत में यह संख्या इससे कहीं अधिक है। इतना ही नहीं, कई दर्जन लोग अपनी आंखों की रोशनी भी खो चुके हैं।
तेजस्वी ने कहा कि शराबबंदी कानून का मूल उद्देश्य अब पूरी तरह भटक चुका है। यह कानून सत्ताधारी भाजपा-जदयू के कुछ नेताओं, भ्रष्ट अधिकारियों और उनके संरक्षण में पल रहे शराब माफियाओं व भ्रष्ट तंत्र के लिए कमाई का कमाऊ पूत बन गया है।

