पहल संवाद
रांची/डेस्क: बिहार की कुर्सी सम्भालने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपराध और अपराधियों के लिए रौद्र रूप अख्तियार कर लिया है. सम्राट चौधरी भी अपराधियों पर नकेल कसने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की राह पर चल पड़े हैं. ऐसा इसलिए कि उन्होंने राज्य के सभी जिलों के डीएम और एसपी को सुशासन से कोई समझौता नहीं करने की हिदायत देते हुए अपराधियों के खिलाफ निर्णायक जंग छेड़ने को की बात कही है.
महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ होने वाले अपराधों के खिलाफ कठोर
मुख्यमंत्री ने महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर बेहद कठोर रुख अपनाया है. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बच्चियों के साथ दरिंदगी करने वालों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई हो कि “पीड़ित बच्ची की तेरहवीं होने से पहले ही अपराधी की फोटो पर माला टंग जाए.” उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में तत्काल प्राथमिकी, त्वरित चार्जशीट और फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए सजा सुनिश्चित की जाए.
अधिकारियों को कार्य संस्कृति बदलने की हिदायत
मुख्य मंत्री ने पुलिस और प्रशासन को अपनी कार्यशैली बदलने की हिदायत दी है. मुख्यमंत्री ने प्रशासन के लिए नया नियम लागू किया है. अब सभी DM और SP को सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक अनिवार्य रूप से अपने दफ्तर में मौजूद रहेंगे. इस दौरान उन्हें जनता की शिकायतों का सीधा निवारण करना होगा. सीएम ने अपने 27 साल के अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि अगर जिला स्तर के अधिकारी सही मानसिकता से काम करें, तो 75% समस्याएं मुख्यालय तक पहुँचने से पहले ही खत्म हो सकती हैं.
बिहार में निवेशकों को सुरक्षा प्रदान करने की पहल
बिहार जैसे राज्य में जहां अपराधियों के डर से निवेश करना नहीं चाहते थे, वहां निवेशकों में भरोसा बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने उन्हें सुरक्षा प्रदान करने को अपनी प्राथमिकता में रखा है. उन्होंने निर्देश दिया कि हर निवेशक के साथ एक ‘नोडल अधिकारी’ तैनात किया जाए. साथ ही, बिहार पुलिस को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ‘डायल 112’ जैसी आधुनिक तकनीकों से लैस कर ‘स्मार्ट पुलिसिंग’ की दिशा में ले जाने पर जोर दिया गया. मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने भी अधिकारियों को अपनी पूरी क्षमता से काम करने की नसीहत दी.

