मास्को । एक वरिष्ठ रूसी राजनयिक ने कहा है कि रूस और भारत (Russia and India) अपनी राष्ट्रीय अंतरिक्ष-आधारित नौवहन प्रणालियों की सटीकता बढ़ाने के लिए एक-दूसरे के ‘ग्राउंड स्टेशन’ की तैनाती पर काम कर रहे हैं। भारत में रूसी राजदूत डेनिस अलीपोव के हवाले से सरकारी समाचार एजेंसी तास ने अपनी खबर में कहा, ‘‘रूसी वैश्विक नौवहन उपग्रह प्रणाली ‘ग्लोनास’ और भारतीय क्षेत्रीय नौवहन उपग्रह प्रणाली ‘नाविक’ के माप एकत्र करने के लिए ‘ग्राउंड स्टेशन’ को लेकर कार्य किया जा रहा है।’’
अंतरिक्ष अनुसंधान में सहयोग दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में से एक है। राजनयिक ने द्विपक्षीय वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग की सफलता का उल्लेख किया। अलीपोव ने कहा, ‘‘हम ध्रुवीय अनुसंधान को आगे बढ़ाने में अपने भारतीय साझेदारों की गहरी रुचि देख रहे हैं। प्रौद्योगिकी का द्विपक्षीय सहयोग में विशेष स्थान है और दोनों देश इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति कर रहे हैं।’’
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए दिसंबर के पहले सप्ताह में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की दिल्ली यात्रा के दौरान, दोनों देशों द्वारा अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में अपने द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाने की उम्मीद है।
