बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में उत्तर बिहार के दोनों चरण महत्वपूर्ण साबित होंगे। इस बार 12 मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर है। मिथिलांचल के सात और तिरहुत के पांच मंत्री चुनाव मैदान में हैं। इसमें भाजपा कोटे से 8 और जदयू से 4 मंत्री शामिल हैं।
🗳️ पहले चरण का मुकाबला – 6 नवंबर
पहले चरण में मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर और दरभंगा की 31 सीटों पर मतदान होगा। इसमें 7 मंत्री चुनाव लड़ रहे हैं:
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कुढ़नी: पंचायती राज मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता
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साहेबगंज: पर्यटन मंत्री डॉ. राजू सिंह
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जाले: नगर विकास एवं आवास मंत्री जीवेश कुमार
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दरभंगा नगर: भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री संजय सरावगी
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सरायरंजन: जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी
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कल्याणपुर: सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री महेश्वर हजारी
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बहादुरपुर: समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी
🗳️ दूसरे चरण का मुकाबला – 11 नवंबर
दूसरे चरण में 5 मंत्री चुनाव लड़ रहे हैं:
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झंझारपुर: उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा
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फुलपरास: परिवहन मंत्री शीला मंडल
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बेतिया: पशुपालन एवं मत्स्य संसाधन मंत्री रेणु देवी
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हरसिद्धी: गन्ना एवं उद्योग विभाग के मंत्री कृष्णनंदन पासवान
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रीगा: कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री मोतीलाल प्रसाद
⚖️ सीटों और टिकट को लेकर चर्चाएँ
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बेतिया से भाजपा की रेणु देवी का टिकट तय माना जा रहा है, हालांकि दावेदार मौजूद हैं।
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केदार प्रसाद गुप्ता, डॉ. राजू सिंह और मोतीलाल प्रसाद को पार्टी एक और मौका दे सकती है।
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समस्तीपुर से विजय कुमार चौधरी लगातार दो टर्म से जीत रहे हैं। महेश्वर हजारी भी पार्टी के मजबूत नेता हैं।
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हरसिद्धी से भी भाजपा चेहरा बदलने के मूड में नहीं है।
🔄 सीटों की अदला-बदली की संभावना
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जाले से जीवेश कुमार को लेकर अभी कुछ संशय है।
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बहादुरपुर से जदयू विधायक मदन सहनी को गौड़ाबौराम सीट पर भेजने पर विचार किया जा सकता है।
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फिलहाल गौड़ाबौराम से भाजपा की स्वर्णा सिंह विधायक हैं।
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फुलपरास से शीला मंडल को लेकर जातिगत समीकरण और रणनीति के आधार पर पार्टी चेहरा बदल सकती है।
📌 निष्कर्ष
उत्तर बिहार में यह चुनाव 12 मंत्रियों की प्रतिष्ठा और सीटों की राजनीति के लिहाज से बेहद अहम है। कई सीटों पर अदला-बदली और चेहरा परिवर्तन की संभावनाएं चुनावी रणनीति को और रोचक बना रही हैं।
